मध्याह्न भोजन योजना

  मध्याह्न भोजन योजना - बिहार

मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme) देश भर के सभी पात्र बच्चों को बिना भेदभाव के शिक्षा और पोषण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 1995 में हुई।  केंद्रीय सरकार का केंद्र प्रायोजित  मिड डे मील योजना के स्थान पर वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना को मंजूरी दी। अब इसे पीएम पोषण योजना के नाम से जाना जाता है।यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत सबसे प्रमुख अधिकार आधारित केंद्र प्रायोजित योजनाओं में से एक है।


 इसके अंतर्गत प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए 450 कैलोरी ऊर्जा एवं 12 ग्राम प्रोटीन तथा उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन प्रति बच्चा पोषण मानदंड निर्धारित है।इसका उद्देश्य सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान करना है। यह न केवल छात्रों के पोषण स्तर को सुधारने में सहायक है, बल्कि स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति दर को बढ़ाने में भी प्रभावी सिद्ध हुई है।  

बिहार सरकार इस योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को पका हुआ और संतुलित भोजन प्रदान किया जाता है। यह भोजन प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, और आवश्यक विटामिनों से भरपूर होता है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास सुनिश्चित होता है। 

इस योजना ने बाल श्रम और कुपोषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही, यह सामाजिक समावेशन को भी प्रोत्साहित करती है, क्योंकि सभी जाति, धर्म और वर्ग के बच्चे एक साथ बैठकर भोजन करते हैं।  

मध्याह्न भोजन योजना बिहार में शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में बदलाव लाने का एक अनुकरणीय उदाहरण है, जो बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रखता है।

पीएम पोषण योजना का नवीन मेनू संबंधित पत्र

 

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